Tuesday, 10 February 2015

निखारें किचन में अपना कौशल का ज्ञान


हम यहां आपके लिए कुछ ख़ास लेकर आए हैं, ऐसे किचन और कुकिंग स्किल  (trick)  जिन्हें अपनाकर आप एक्सपर्ट कहलाएंगे।

आवश्यक उपकरण
         किचन में कुकिंगको सपोर्ट देने के लिए शेफ नाईव्स का एक सेट होना ही चाहिए। ये शार्प हों और हेवी भी हों। इनके ब्लेड की क्वालिटी शानदार होनी चाहिए। अगर आपके पास बेहतरीन शेफ नाईव्स हैं तो मिक्सर, मिनसर और फूड-प्रोसेसर न भी हो तो कोई बात नही।

नई आईडिया
         किचन में जितनी बार कुकिंग करते हुए आप गलती करेंगे, उतनी बार ही आपको कुछ नया सीखने को मिलेंगे। इसलिए प्रोडक्टिविटी बढ़ानी हो तो गलतियां करके घबराएं नहीं, बल्कि नए विकल्प ढूंढ़कर अपनी कुकिंग स्किल्स को और ज्यादा बढ़ाते चले जाएं। अक्‍सर नई रेसिपी ट्राय करते हुए गलतियां हो जाती हैं, लेकिन नए आइडिया भी तभी मिला करते हैं।जब गलतियां होती है।


 खाना पकाने का ढंग बदल सकते हैं
       कर्व्ड ब्लेड वाला थाई वेजी पीलर बहुत काम की चीज है। ये सस्ता भी होता है। इसकी मदद से जुलीनिंग बहुत अच्छे से हो पाती है। पपाया, कुकम्बर और कैरट के लम्बे लंबे रिबन्स बहुत ही बढ़िया तरीके से कट जाते हैं। ये वेजी रिबन्स अक्सर स्टार्टर्स और सूप में यूज होते हैं। सलाद बनाने में भी जुलीनिंग की जरूरत पड़ती है.

अच्छा खाना पकाने की सलाह
       जब भी आप किचन में कुछ पकाने के लिए जाएं, तो सबसे पहले एक तसले में पानी गरम करने के लिए रख दें। ये आपके काम में जरूर आएगा।सिनामन यानी दालचीनी दुनियाभर में मिलने वाले हर तरह के क्यूज़ीन का हिस्सा होती है। ये बहुत से शेफ्स की भी फेवरेट स्पाइस होती है। किसी भी डिश में ये गजब का फ्लेवर एड करती है। कुछ लोग तो इसे डिजर्ट की तरह भी खाते हैं।

 कई तरह की सॉस
        रेड सॉस, वाईट सॉस, ग्रीन सॉस, ब्लैक सॉस। इनका उपयोग अब कुछ ज्यादा ही होने लगा है। जहां पहले ये केवल कॉन्टिनेंटल और चाईनीज खाने में ही यूज की जाती थीं, वहीं अब इनका उपयोग इंडियन फ़ूड में भी किया जाने लगा है। सूप और सलाद को फ्लेवर देने के साथ ही ये बेक्ड वेजीटेबल में डलती है और स्टफ्ड पराठे के साथ सर्व भी की जाती है।

 विशेष व्यंजनों
        ट्रैवल करते वक़्त एक फ़ूड जरनल साथ रखें, जिसमें आप वो सब डॉक्युमेंट कर सकें जो आपने इस दौरान चखा है। घर पहुंचने के बाद इन्हीं फ्लेवर्स को अपने कुकिंग में डालने की कोशिश करें। या फिर वही रेसिपी हूबहू वैसे ही बनाएं जैसे आपने बाहर खाई थी। इसे फ़ूड एंड फ्लेवर मिमिक्री भी कहते हैं।'लारोस्से गैस्ट्रोनोम्' - ये किसी भी शेफ के लिए बाइबल के समान है। इसके आलावा ऐंथनी बौर्डेन की 'किचन कॉन्फिडेंशियल' भी बहुत अच्छी किताब है।दम पुख्त। इसका मतलब होता है एक सील किए हुए बर्तन में धीमी आंच पर स्लो-कुकिंग। ये खाना बनाने का करीब सौ साल पुराना तरीका है। वैसे तो इस तरीके से केवल मीट-डिश ही बनाया करते थे और इसमें पानी बिलकुल नहीं डलता था। मीट का अपना जूस होता है और उससे ही ये पक जाया करता था।


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